पाठ 3 शुद्धि क्रिया षट्कर्म

MP Board Class 8th Solution For Hindi Medium Sahayak Vachan म.प्र. बोर्ड कक्षा 8th का संपूर्ण हल सहायक वाचन

खण्ड 2 योग शिक्षा

पाठ 3 शुद्धि क्रिया षट्कर्म

प्रश्न 1. योग में शुद्धि क्रिया के अन्तर्गत कितनी क्रियाओं का उल्लेख है ? उनके नाम लिखिए

उत्तर-योग में शुद्धि क्रिया के अन्तर्गत छः क्रियाओं का उल्लेख है-

1. धौति क्रिया, 2. बस्ति क्रिया, 3. नेति क्रिया, 4. नौलि क्रिया, 5. त्राटक, 6. कपालभाति ।

प्रश्न 2. जलनेति में उपयोग किये जाने वाले लोटे को क्या कहते हैं ?

उत्तर-जलनेति में उपयोग किये जाने वाले लोटे को नेतिपात्र कहते हैं।

प्रश्न 3. जलनेति के उपरान्त किस क्रिया से, नाक में रुके जल को बाहर निकाला जाता है ?

उत्तर-जलनेति के उपरान्त नाक में रुके जल को कपालभाति क्रिया द्वारा बाहर निकाला जाता है।

प्रश्न 4. जलनेति के लाभ लिखें।

उत्तर– जलनेति क्रिया के अभ्यास से सिरदर्द, नजला, सर्दी-जुकाम आदि बीमारियाँ मिटती हैं। नेत्र ज्योति बढ़ती है। मानसिक शक्ति का प्रादुर्भाव होता है।

प्रश्न 5. जलनेति क्रिया की सावधानियों को लिखिए।

उत्तर- जलनेति क्रिया की सावधानियाँ-

(1) जिन्हें नाक से खून आने की पुरानी बीमारी हो, उन्हें किसी सुयोग्य और जानकार व्यक्ति के निर्देशन के बिना यह क्रिया नहीं करनी चाहिए।

(ii) जल अधिक गर्म नहीं होना चाहिए।

(iii) जल को नाक से सुखाने के समय नाक को बहुत जोर से नहीं छिड़कना चाहिए।

(iv) जल में नमक अच्छी तरह घुला होना चाहिए।

प्रश्न 6. सूत्रनेति के लाभ लिखिए।

उत्तर-सूत्रनेति के लाभ-

1. बार-बार होने वाली सर्दी-जुकाम, नजला से मुक्ति मिलती है।

2. जिनके नाक की हड्डी बार-बार बढ़ती है या बढ़ी हो, वह सूत्रनेति का अभ्यास करके इस बीमारी से मुक्ति पा सकते हैं।

3. इस क्रिया के अभ्यास से नेत्र ज्योति बढ़ती है।

4. मानसिक शक्ति बढ़ती है।

प्रश्न 7. सूत्रनेति की प्रमुख सावधानियों को लिखिए।

उत्तर-सूत्रनेति की प्रमुख सावधानियाँ-

1. इस क्रिया को करने से पूर्व रबर केथेटर को पानी में 3-4 मिनट तक उबाल कर निर्जंतुक (स्टाइज्ड) कर लेना चाहिए।

2. छींक आने पर कुछ क्षण वहीं रुक जाना चाहिए।

प्रश्न 8. सूत्रनेति को कड़ा करने के लिए क्या किया जाता है ?

उत्तर-सूत्रनेति को कड़ा करने के लिए सूत्र के एक सिरे के एक छोर पर मोम लगाया जाता है।

प्रश्न 9. सूत्रनेति के पश्चात् कौन-सी क्रिया करनी चाहिए?

उत्तर-सूत्रनेति के पश्चात् कपालभाति क्रिया करनी चाहिए।

त्राटक

प्रश्न 1. त्राटक क्रिया के लाभ लिखिए।

उत्तर-त्राटक क्रिया से निम्नलिखित लाभ होते हैं-

(i) नेत्र रोग दूर होते हैं।

(ii) साधक प्रज्ञावान बनता है।

(iii) मन की चंचलता समाप्त करने में विशेष लाभकारी है।

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