पाठ 5 बन्ध एवं मुद्रायें

MP Board Class 8th Solution For Hindi Medium Sahayak Vachan म.प्र. बोर्ड कक्षा 8th का संपूर्ण हल सहायक वाचन

खण्ड 2 योग शिक्षा

पाठ 5 बन्ध एवं मुद्रायें

मुद्रा

प्रश्न 1. महामुद्रा के लाभों को लिखिए।

उत्तर-महामुद्रा के लाभ-

(i) प्राणशक्ति को बढ़ाता है।

(i) मन को एकाग्र करने में सहायक है।

(iii) उदर विकारों को दूर करता है।

(iv) हृदय तथा फेफड़ों को मजबूती प्रदान करता है।

प्रश्न 2. महामुद्रा का अभ्यास किसे नहीं करना चाहिए ?

उत्तर-महामुद्रा का अभ्यास उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति तथा हृदय रोगी को नहीं करना चाहिए।

प्रश्न 3. विपरीतकरणी मुद्रा तथा सर्वाङ्गासन में क्या अन्तर है?

उत्तर

प्रश्न 4. विपरीतकरणी मुद्रा में पैर कहाँ स्थित होते हैं ?

उत्तर-विपरीतकरणी मुद्रा में पैर सिर की ओर स्थित होते हैं।

प्रश्न 5. योग मुद्रा का अभ्यास किस आसन में बैठकर किया जाता है ?

उत्तर-योग मुद्रा का अभ्यास पद्मासन की स्थिति में बैठकर किया जाता है।

प्रश्न 6. योग मुद्रा में आगे झुकते समय श्वास की क्या स्थिति होती है?

उत्तर-योग मुद्रा में आगे झुकते समय श्वास धीरे-धीरे छोड़ी जाती है।

प्रश्न 7. योग मुद्रा किसे नहीं करनी चाहिए ?

उत्तर-उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति को योग मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

बन्ध

प्रश्न 1. उड्डियान बन्ध लगाते समय श्वास की क्या स्थिति रहती है?

उत्तर-उड्डियान बन्ध लगाते समय धीरे-धीरे श्वास छोड़ते है

प्रश्न 2. उड्डियान बन्ध किसे नहीं लगाना चाहिए?

उत्तर-उड्डियान बन्ध हृदय रोगी, अल्सर रोगी, पेट की अन्य असाध्य बीमारी (कैंसर आदि) से पीड़ित व्यक्ति को नहीं लगाना चाहिए।

प्रश्न 3. जालन्धर बन्ध की विधि संक्षिप्त में लिखिए।

उत्तर-विधि-

(i) स्वच्छ वस्त्र पर ध्यान के किसी एक आसन में बैठे।

(ii) हथेलियों को घुटने पर स्थापित करें।

(iii) नेत्र बन्द करके सम्पूर्ण शरीर को शिथिल करें।

(iv) श्वास बाहर निकालकर सिर सामने झुकाएँ।

(v) ठुड्डी को गले पर दबाएँ।

(vi) यथा शक्ति श्वास बाहर निकालें।

(vii) श्वास लेने की इच्छा होने पर गर्दन सीधा कर श्वास लेते हुए सामान्य करें।

प्रश्न 4. भोजन करने के बाद क्या जालन्धर बन्ध लगाया जा सकता है?

उत्तर-भोजन करने के तुरन्त बाद जालन्धर बन्ध नहीं लगाया जा सकता।

प्रश्न 5. जिह्वा बंध की कोई दो सावधानियाँ लिखें।

उत्तर-सावधानियाँ-

(i) प्रारम्भिक अवस्था में क्षमता से अधिक जिह्वा को तालू से न चिपकाएँ।

(ii) योग्य गुरु के निर्देशन में ही बन्धों का अभ्यास करें।

प्रश्न 6. जिह्वा बन्ध के कोई दो लाभ लिखिए।

उत्तर-जिह्वा बन्ध के लाभ-

(i) प्रत्याहार के पालन में सहायक है।

(ii) स्वाद एवं कामवासनाओं पर नियन्त्रण होता है।