देश के लाखों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सब्सक्राइबर्स और पेंशनभोगियों के लिए इन दिनों पेंशन को लेकर कई चर्चाएं हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि न्यूनतम पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 या ₹9,000 कर दी गई है। लेकिन इस मामले में सरकार का क्या रुख है? क्या वाकई पेंशन में बढ़ोतरी होने जा रही है? यह EPFO Pension New Update: पेंशन में बढ़ोतरी तय? तुरंत जानें आपको हर छोटी-बड़ी बात से अवगत कराएगा।
सरकार का स्पष्ट जवाब: अभी नहीं, फिलहाल नहीं
जनवरी 2026 में राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि फिलहाल न्यूनतम EPS पेंशन को बढ़ाने का कोई तात्कालिक प्रस्ताव नहीं है . यह जानकारी श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने दी .
महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए पेंशन बढ़ाने की मांग उठाई थी . इसके जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) एक निश्चित योगदान-निश्चित लाभ वाली सामाजिक सुरक्षा योजना है और पेंशन फंड की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) को ध्यान में रखकर ही कोई भी फैसला लिया जाएगा .
न्यूनतम पेंशन कितनी है और अधिकतम सीमा क्या है?
फिलहाल EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह है, जिसे सरकार बजटीय सहायता से सुनिश्चित करती है .
वर्तमान नियमों के तहत, पेंशन की गणना का एक निश्चित फॉर्मूला है: (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) / 70 . पेंशन योग्य वेतन के लिए अधिकतम सीमा (वेज सीलिंग) ₹15,000 ही मानी जाती है . इस फॉर्मूले और सीमा के चलते अधिकतम पेंशन लगभग ₹7,500 प्रति माह ही बन पाती है .
पेंशन ₹7,500 या ₹9,000 की मांग क्यों?
दरअसल, मौजूदा फॉर्मूले के तहत अधिकतम पेंशन ₹7,500 है, यही वजह है कि कर्मचारी संगठन लंबे समय से न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर इसी अधिकतम सीमा (₹7,500) के बराबर करने की मांग कर रहे हैं . कुछ यूनियनों ने तो ₹9,000 प्रति माह तक की मांग उठाई है . हालांकि, यह मांग अभी भी विचाराधीन है और इसे लागू करने की कोई समय-सीमा तय नहीं है.
वेतन सीमा (Wage Ceiling) बढ़ने की संभावना से नई उम्मीद
पेंशन बढ़ोतरी को लेकर एक और अहम अपडेट वेतन सीमा (Wage Ceiling) से जुड़ा है। फिलहाल EPFO के तहत अनिवार्य योगदान के लिए वेतन सीमा ₹15,000 प्रति माह है . मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी विचार-विमर्श के अनुसार, इस सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 करने पर विचार किया जा रहा है . सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को इस सीमा की समीक्षा करने का निर्देश दिया है .
अगर यह बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर पेंशन पर पड़ेगा। उदाहरण के लिए, 35 साल की सेवा वाले कर्मचारी के लिए वर्तमान सीमा के अनुसार अधिकतम पेंशन करीब ₹7,500 बनती है, जो वेतन सीमा बढ़ने पर बढ़कर लगभग ₹12,500 हो सकती है . हालांकि, यह प्रस्ताव अभी मंजूरी के चरण में है.
EPFO में बड़ा बदलाव: पूरी सैलरी पर पेंशन का विकल्प फिर से बहाल
एक और बड़ा अपडेट यह है कि EPFO ने कुछ खास सब्सक्राइबर्स के लिए पूरी सैलरी पर पेंशन योगदान का विकल्प फिर से बहाल कर दिया है . यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए है, जिन्होंने 2014 में पेंशन योग्य वेतन सीमा लागू होने से पहले उच्च पेंशन का विकल्प चुना था। हालांकि, इसका लाभ उठाने के लिए नियोक्ता (एम्प्लॉयर) की सहमति भी जरूरी है . इसका असर सीमित संख्या में कर्मचारियों पर ही पड़ेगा, खासकर उन पर जो पहले से ही इस विकल्प के दायरे में आते हैं .
निष्कर्ष: उम्मीद की किरण बरकरार, लेकिन इंतजार जारी
तो क्या यह EPFO Pension New Update: पेंशन में बढ़ोतरी तय? तुरंत जानें बताता है कि फिलहाल न्यूनतम पेंशन ₹1,000 ही है और इसे बढ़ाने का कोई तत्काल प्रस्ताव नहीं है . हालांकि, वेतन सीमा (wage ceiling) बढ़ने की संभावना ने नई उम्मीद जगाई है, जिससे पेंशन फॉर्मूले में बदलाव हो सकता है और अधिकतम पेंशन बढ़ सकती है . पेंशनभोगियों को सलाह है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए EPFO की वेबसाइट या विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर ही भरोसा करें।


